रविवार, 15 फ़रवरी 2026

यह खारिज करने की शुरुआत है... यकिन मानिए, अंत भी अच्छा ही होगा!!!



By Jayjeet

यह वीडियो देखिए। कहां का है, कब का है, पता नहीं, मगर जो भी है, अच्छा है। सवाल यह है कि क्या बजरंग गैंग अपने इन कथित बजरंगियों को सस्पेंड करेगा? कर भी देना चाहिए। इस गैंग को ऐसे सीधे-सादे बच्चों की जरूरत नहीं, जिन्हें डंडे लेकर ढंग से धमकाना भी न आता हो...!!
खैर, मजाक के इतर, यह वीडियो तो बहुत ही छोटा-सा है, मगर इसमें एक बड़ा आशाजनक संदेश है... धर्मोंन्माद लंबा नहीं चलता। नई पीढ़ी अंतत: धर्मोन्माद को खारिज करेगी, और यह दुनियाभर में होगा। बांग्लादेश जैसे इस्लामिक मुल्क ने भी कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी के बजाय अपेक्षाकृत उस उदार व युवा को कमान सौंप दी है, जिसका स्टाइल स्टेटमेंट क्लीन शेव और ब्लू ब्लेजर है। ईरान में अंदर ही अंदर अंसतोष खदबदा रहा है, जो एक न एक दिन फूटेगा ही। महिलाओं को जूती समझने वाले तालिबानी भी आखिर कब तक खैर मनाएंगे!
हमारे यहां अभी हो सकता है, हिमंता और धामी जैसे लोग कुछ चुनाव और जीत जाए। जीतने दीजिए। मगर समय आएगा जब उनके ही उन्हें खारिज करेंगे, वैसे ही कोटद्वार का दीपक, जिसने एक कथित हिंदुवादी संगठन की गुंडागर्दी से एक बुजुर्ग को बचाया। और जैसे उक्त वीडियो में हिंदू युवाओं ने ही गैंग की दादागीरी को खारिज किया।
देश ने 2047 तक विकसित देश बनने का संकल्प लिया है। ध्यान रखना होगा कि विकास और धर्म साथ-साथ नहीं चल सकते, कम से कम धर्मोन्माद तो बिल्कुल भी नहीं। अमेरिका और यूरोप में विकास ने तब गति पकड़ी, जब चर्च खाली होने लगे, पादरियों से मोहभंग होने लगा और विज्ञान का परचम लहराने लगा।
हमारे यहां भी धर्मोन्माद का यह उन्माद क्षणिक है। आज नहीं तो कल भगवा दुपट्टे हटेंगे, सफेद टोपियां विश्राम करेंगी और विज्ञान का झंडा ही बुलंद होगा। आखिर, धर्मोन्माद के साइड इफेक्ट्स के मुकाबले विज्ञान के साइड इफेक्ट्स से निपटना ज्यादा आसान रहेगा।

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